डेगाना/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक और ही वास्तविक प्रगति का आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला, युवा, किसान और मजदूर को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, जिससे वे अपने साथ-साथ परिवार के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजीविका, लखपति दीदी योजना और मा वाउचर योजना जैसी पहल महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का आधार बनी हैं। डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा पांच रुपये प्रति लीटर अनुदान तथा स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से विधानसभा और संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
चौपाल के दौरान राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्मित उत्पाद भेंट किए तथा बताया कि सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। महिलाओं ने कहा कि आज वे स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
इस अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।





