जयपुर। राजस्थान के युवाओं को खेल, कौशल विकास, नेतृत्व और रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से ‘मुख्यमंत्री युवा सुयोग’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाली परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह मंच युवाओं को सही दिशा, सही अवसर और सही पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे टीम खेलों के जरिए प्रदेश की प्रत्येक पंचायत और वार्ड में युवा नेतृत्व विकसित किया जाएगा। वार्ड और पंचायत स्तर पर शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं के विजेता विधानसभा स्तर तक पहुंचेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘माय भारत’ पहल से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने युवा सुयोग प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे माय भारत पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा, ताकि युवाओं को खेल, कौशल प्रशिक्षण, स्वयंसेवा और रोजगार संबंधी अवसर एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकें।
खिलाड़ियों से किया सीधा संवाद, युवाओं ने जताया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बगरू और बारां के खिलाड़ियों एवं युवाओं से संवाद किया। युवाओं ने कहा कि इस पहल से गांवों और कस्बों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलेगा तथा कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य जागरूकता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
डिजिटल होगी खेल मैदानों की पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा सुयोग के तहत स्कूल, कॉलेज, पंचायत और वार्ड स्तर के खेल मैदानों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी। युवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकेंगे। जिला स्तर पर ‘सुयोग युवा क्लब’ गठित होंगे, जो पंचायत और वार्ड स्तर के युवा क्लबों से जुड़े रहेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है।
स्वयंसेवा, नेतृत्व और कौशल विकास पर रहेगा फोकस
योजना के तहत स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। स्वच्छता अभियान, डिजिटल साक्षरता, युवा संवाद, टॉक शो और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की नेतृत्व क्षमता विकसित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवाओं के सुझावों के आधार पर खेल और युवा नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाना है।
रोजगार और कौशल विकास के आंकड़े भी गिनाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में 1.78 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी हैं, जबकि करीब एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और सवा लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। इसके अलावा 4.5 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार, 3.5 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत चार लाख से अधिक युवाओं को 1,347 करोड़ रुपये की सहायता तथा 4,500 से अधिक स्टार्टअप्स का पंजीकरण कराया गया है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, विधायक डॉ. कैलाश वर्मा, गोपाल शर्मा तथा युवा मामले एवं खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और युवा उपस्थित रहे।