जयपुर। राज्य के राजकीय महाविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों के नामकरण संबंधी प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए गठित मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक मंगलवार को शासन सचिवालय में उप मुख्यमंत्री एवं उपसमिति के संयोजक डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि राजकीय महाविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों का नामकरण ऐतिहासिक महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और समाज के प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के सम्मान में किया जाएगा। वहीं, जिन संस्थानों के विकास में दानदाताओं का योगदान रहा है, उनके नाम ‘राजकीय’ शब्द के बाद जोड़े जाएंगे।
उपसमिति ने चिकित्सा महाविद्यालय, हनुमानगढ़ का नाम बदलकर ‘बलिदानी योद्धा मेजर विकास भाम्भू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हनुमानगढ़’ करने का निर्णय लिया। इसी प्रकार श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज का नाम ‘महाराजा गंगा सिंह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, श्रीगंगानगर’, पाली मेडिकल कॉलेज का नाम ‘महाराणा प्रताप राजकीय मेडिकल कॉलेज, पाली’ तथा अलवर मेडिकल कॉलेज का नाम ‘भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय मेडिकल कॉलेज, अलवर’ रखा जाएगा।
बैठक में राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय, कोटड़ा (अजमेर) का नाम ‘पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय’ तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय, छबड़ा (बारां) का नाम ‘राजकीय श्रीमती चन्द्रकांता कस्तूरचंद स्वर्णकार कन्या महाविद्यालय’ किए जाने को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह, विद्यालय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं सदस्य सचिव कुलदीप रांका, प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन, गायत्री राठौड़ सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपसमिति के निर्णयों के अनुसार संबंधित विभाग अब आगे की औपचारिक कार्रवाई करेंगे।






