अंगदान संकल्प में राजस्थान की बड़ी छलांग, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा, 1.08 लाख से अधिक लोगों ने लिया जीवनदान का संकल्प

जयपुर। अंगदान के प्रति बदलती सोच और समाज की बढ़ती जागरूकता ने राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। प्रदेश ने 1,08,904 नागरिकों के अंगदान संकल्प के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। अब पहले स्थान पर मौजूद महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच महज 8,136 संकल्पों का अंतर बचा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि 3 अगस्त तक चलने वाले अभियान में राजस्थान देश में पहला स्थान भी हासिल कर सकता है।

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि अंगदान महाअभियान को प्रदेशभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल संकल्प जुटाना नहीं, बल्कि समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

झुंझुनूं बना रोल मॉडल, कई जिले भी दौड़ में

जिलावार प्रदर्शन में झुंझुनूं ने 13,619 संकल्पों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद हनुमानगढ़ (12,828), चूरू (10,780), जयपुर (8,152), अजमेर (6,722) और सीकर (5,956) का स्थान रहा। इन जिलों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे अभियान को नई गति दी है।

जुलाई में भी बढ़ी रफ्तार

जुलाई माह के विशेष अभियान में भी झुंझुनूं ने 2,426 नए संकल्प के साथ बढ़त बनाए रखी। जयपुर (1,773), टोंक (997), भीलवाड़ा (995) और जोधपुर (754) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो राजस्थान जल्द ही देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच जाएगा।

क्यों महत्वपूर्ण है अंगदान?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक व्यक्ति के अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और कॉर्निया जैसे अंग व ऊतक जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की नई उम्मीद बनते हैं। इसलिए अंगदान को महादान कहा जाता है।

सरकार की अपील

प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में अंगदान का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक औपचारिक प्रतिज्ञा नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को जीवन देने का संकल्प है। उन्होंने सभी जिलों, चिकित्सा संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया, ताकि राजस्थान जल्द ही देश में अंगदान संकल्प अभियान में प्रथम स्थान प्राप्त कर सके।

फैक्ट फाइल

  • देश में वर्तमान रैंक: दूसरा
  • कुल अंगदान संकल्प: 1,08,904
  • पहले स्थान से अंतर: 8,136 संकल्प
  • अभियान की अंतिम तिथि: 3 अगस्त 2026
  • अग्रणी जिला: झुंझुनूं (13,619 संकल्प)

न्यूज़ फैक्ट

“अंगदान मृत्यु के बाद भी जीवन की सबसे सुंदर विरासत है। एक संकल्प कई जिंदगियों में उम्मीद की नई रोशनी जगा सकता है।”

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