जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना जल समझौता शेखावाटी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले विकास, विरासत और विश्वास के मॉडल के रूप में उभरेंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से शेखावाटी का दशकों पुराना इंतजार समाप्त हुआ है और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सोमवार को शेखावाटी फाउंडेशन की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक यमुना जल समझौते के तहत करीब 295 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से 1917 क्यूसेक यमुना जल शेखावाटी पहुंचेगा। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू सहित व्यापक क्षेत्र के करीब 75 लाख लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार के बीच प्रतीकात्मक रूप से यमुना जल से भरा कलश शेखावाटी अंचल को समर्पित किया। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने ऐतिहासिक समझौते के लिए उनका अभिनंदन किया, जबकि महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगलगीत गाकर स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत सीकर, झुंझुनूं और चूरू की 662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास की कार्ययोजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे से शेखावाटी का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, जिससे परिवहन, उद्योग, कृषि और पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने शेखावाटी को वीरों, संतों, उद्यमियों और आस्था की भूमि बताते हुए कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।






