अजमेर। राजस्थान में बेटियों को सैन्य शिक्षा और नेतृत्व के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को हाथीखेड़ा में बालिका सैनिक स्कूल की आधारशिला रखी। लगभग 20.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस विद्यालय के साथ अजमेर देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल होगा, जहां बालिकाओं के लिए समर्पित सैनिक स्कूल संचालित होगा।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य बजट में अजमेर में बालिका सैनिक स्कूल की घोषणा कर प्रदेश की बेटियों के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे पांच बालिका सैनिक स्कूलों में से एक अजमेर में बनाया जा रहा है, जो छात्राओं को सैन्य सेवाओं, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय का निर्माण 30 एकड़ भूमि पर समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के माध्यम से कराया जाएगा और इसे 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 200 छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। विद्यालय तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पहले ही 4.50 करोड़ रुपये की लागत से अप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है।
देवनानी ने कहा कि हाथीखेड़ा स्थित विद्यालय परिसर का प्राकृतिक वातावरण सैनिक प्रशिक्षण और अध्ययन के लिए अनुकूल है। नया परिसर आधुनिक शैक्षणिक और खेल सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसमें अत्याधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, विज्ञान प्रयोगशालाएं, 200 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास, स्टाफ आवास, इंडोर गेम्स हॉल, आउटडोर खेल मैदान, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और टेनिस कोर्ट, परेड ग्राउंड, बाउंड्री वॉल, आंतरिक सड़कें, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान छात्राओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करते हुए उन्हें राष्ट्रीय रक्षा सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए तैयार करेगा। साथ ही, यह परियोजना अजमेर को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान भी दिलाएगी।






