जयपुर। अजमेर जिला पुलिस ने जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की झूठी धमकी देकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने फर्जी ई-मेल आईडी के जरिए न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल पर धमकी भरा संदेश भेजा था। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि 17 जुलाई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय, अजमेर की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर बम धमाके की धमकी वाला संदेश प्राप्त हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय प्रशासन की ओर से 19 जुलाई को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस पर धारा 353(1)(बी) बीएनएस एवं 66(एफ) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
साइबर जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रवि और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ तथा वृत्ताधिकारी शिवम जोशी के सुपरविजन में सिविल लाइंस थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और आसूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी फलदू हार्दिक पुत्र रमेशचंद्र पटेल (40) निवासी प्रभास पाटन, थाना सोमनाथ, जिला गिर सोमनाथ (गुजरात) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, इस ब्लाइंड केस के खुलासे में सिविल लाइंस थानाधिकारी शंभू सिंह, साइबर सेल प्रभारी विजय सिंह, एएसआई प्रवीण चौधरी और मनीराम, हेड कांस्टेबल जगदीश तथा कांस्टेबल राजकुमार, अजीत सिंह और अजय मीना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






