जयपुर। आईपीओ में निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर 23 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को स्टेट साइबर क्राइम जयपुर थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से ट्रांजिट वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी निवेश ग्रुप और इंस्टीट्यूशनल अकाउंट के जरिए लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा बना हुआ था। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के ने बताया कि नवलगढ़ झुंझुनूं निवासी सुरेश सैनी ने 21 फरवरी 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार व्हाट्सएप पर मिले एक लिंक के जरिए उसे “ऑप्शन एंड स्टॉक एक्सचेंज” नामक फर्जी निवेश ग्रुप से जोड़ा गया। आरोपियों ने फर्जी इंस्टीट्यूशनल अकाउंट खुलवाकर ऑनलाइन पोर्टल पर काल्पनिक मुनाफा दिखाया तथा परिचितों से यूपीआई, क्यूआर कोड तथा आरटीजीएस के माध्यम से करीब 23 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में जमा करवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने रकम मिलते ही उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी, एटीएम और नेट बैंकिंग के जरिए निकाल लिए।
पुलिस जांच के दौरान बैंक खातों, केवाईसी दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल नंबरों की सीएएफ, सीडीआर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए पांच लाख रुपए पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में पहुंचे थे, जिसका संचालन नागपुर निवासी निर्मल वर्मा कर रहा था। इसके बाद पुलिस टीम नागपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से इंद्रयानी नगर, दत्तावाड़ी निवासी निर्मल वर्मा को गिरफ्तार कर पर जयपुर ले आई। पुलिस के अनुसार इसी मामले में पहले अजीत सिंह और अजय सिंह उर्फ चिन्नू को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
साइबर सुरक्षा सलाह
राजस्थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप पर आईपीओ या अन्य निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें। किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम साइबर पुलिस स्टेशन या पुलिस थाने से संपर्क करें।






