जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के मुहाना थाना क्षेत्र में तैनात इमरजेंसी रिस्पॉन्स-112 के कांस्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक दुकानदार को एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले में दूसरा आरोपी कांस्टेबल सुरेश चौधरी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग को मिली शिकायत में आरोप था कि दोनों कांस्टेबल परिवादी के पड़ोसी की शिकायत के आधार पर एससी/एसटी एक्ट में कार्रवाई करने का भय दिखाकर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा मुहाना मंडी स्थित फल-सब्जी की दुकान बिना बाधा संचालित होने देने की एवज में 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे।
शिकायत का 21 जुलाई को गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें 20 हजार रुपये रिश्वत लेने की सहमति होना प्रमाणित हुआ। इसके बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झाबरमल के नेतृत्व तथा पुलिस निरीक्षक बाबूलाल गुर्जर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई कर कांस्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान दूसरा आरोपी कांस्टेबल सुरेश चौधरी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ और अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है।
एसीबी ने आमजन से भ्रष्टाचार की शिकायत टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दर्ज कराने की अपील की है।






