जोधपुर/जयपुर। जोधपुर की आठ वर्षीय हृदया ने अपने मासूम जवाबों से राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ही नहीं, सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का भी दिल जीत लिया। डिप्टी सीएम द्वारा साझा किए गए वीडियो में हृदया ने जिस आत्मविश्वास और सहजता से अपने सपनों और समाज के प्रति अपनी सोच व्यक्त की, उसने बातचीत को एक प्रेरणादायक संदेश में बदल दिया।
वीडियो में दीया कुमारी ने जब हृदया से पूछा कि वह बड़ी होकर क्या बनना चाहती है, तो उसने बिना पल गंवाए कहा, “पहले मैं आईएएस अफसर बनूंगी और फिर प्रधानमंत्री।” बच्ची का जवाब सुनकर दीया कुमारी मुस्कुरा उठीं। उन्होंने कहा कि इन दोनों जिम्मेदारियों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। इस पर हृदया ने पूरे विश्वास के साथ कहा, “मैं मेहनत करूंगी।”
बातचीत के दौरान सबसे रोचक क्षण तब आया, जब डिप्टी सीएम ने पूछा कि वह प्रधानमंत्री क्यों बनना चाहती है। हृदया ने मासूमियत से जवाब दिया, “प्रधानमंत्री ही डॉक्टर, पायलट और बड़े-बड़े लोग बनाते हैं। इसलिए मैं भी प्रधानमंत्री बनना चाहती हूं।” बच्ची की इस सोच पर दीया कुमारी ने मुस्कुराते हुए समझाया कि प्रधानमंत्री बनने का मतलब देश के लोगों को आगे बढ़ाने का अवसर देना होता है। हृदया ने तुरंत हामी भरते हुए कहा कि वह भी लोगों को आगे बढ़ाना चाहती है।
हृदया की सोच केवल अपने भविष्य तक सीमित नहीं रही। उसने किसानों की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए और अधिक सुविधाएं होनी चाहिए। वहीं गरीब बच्चों के लिए घर और भोजन की व्यवस्था करने की इच्छा भी जताई। उसकी संवेदनशीलता यहीं नहीं रुकी। मोबाइल की बढ़ती लत पर उसने सुझाव दिया कि ऐसा मोबाइल बनाया जाए, जो बच्चों के हाथ में आते ही अपने आप बंद हो जाए, ताकि वे इसकी लत से बच सकें।
हाल ही में जोधपुर दौरे के दौरान रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो को डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया है। उन्होंने लिखा कि हृदया की बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उसके विश्वास और देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति नई पीढ़ी की सकारात्मक सोच को दर्शाती हैं। ऐसे बच्चे यह भरोसा दिलाते हैं कि भारत का भविष्य संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार हाथों में है।






