जयपुर। जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम सभागार (पुराना पीएचक्यू) में माणकचौक, रामगंज और सुभाष चौक थाना क्षेत्रों के सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) सदस्यों के साथ संवाद बैठक आयोजित की। बैठक में नशा मुक्ति अभियान, साइबर अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए गए तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि अपराध नियंत्रण तभी प्रभावी हो सकता है, जब पुलिस और आमजन के बीच विश्वास व सहयोग मजबूत हो। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चल रहे अभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना हेल्पलाइन 14446, 1933 अथवा जयपुर पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 8764866939 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक सूचना का सत्यापन कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराधों पर जागरूकता का संदेश
बैठक में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी गई। सचिन मित्तल ने साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल तथा मोबाइल गुम होने और ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित सरकारी सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश में 1 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत पर ई-जीरो एफआईआर स्वतः दर्ज होगी, जिससे पीड़ितों को त्वरित कानूनी सहायता मिल सकेगी।
सीएलजी सदस्यों ने दिए उपयोगी सुझाव
बैठक के दौरान सीएलजी सदस्यों ने नियमित मोहल्ला बैठकों के आयोजन, सामुदायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, पुलिस-जन संवाद मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अधिकारियों ने इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया। बैठक में पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल, सहायक पुलिस आयुक्त माणकचौक पियूष कविया, सहायक पुलिस आयुक्त रामगंज सहित संबंधित थाना अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सीएलजी सदस्य, जिनमें महिला सदस्य भी शामिल थीं, उपस्थित रहीं।



